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स्वास्थ्य-सबके लिए

रविवार, 19 दिसम्बर 2010

फ्रुक्टोज़ का आधिक्य और स्वास्थ

भोजन में मधुरता के लोग उसमें शक्कर डालते हैं, इससे उन्हें मधुरता के अतिरिक्त ऊर्जा भी प्राप्त होती है. शक्कर में फ्रुक्टोज उपस्थित होता है, इसलिए भोजन में शक्कर की अधिकता से शरीर में फ्रुक्टोज की भी अधिकता हो जाती है जिससे व्यक्ति का रक्त चाप बढ़ता है, उसे मधुमेह रोग हो सकता है, वह मोटा हो सकता है और उसे किडनी के रोग हो सकते हैं.




फ्रुक्टोज शक्कर के अतिरिक्त शहद और फलों में भी उपस्थित होता है, किन्तु अधिकाँश फलों में उपस्थित फ्रुक्टोज अल्प मात्रा में होता है और फल में उपस्थित अन्य पोषक द्रव्यों के कारण हानिकर नहीं होता. उदाहरण के लिए एक प्याला टमाटर कतरनों में केवल २.५ ग्राम फ्रुक्टोज होता है जो हानिकर नहीं होता. शहद में उपस्थित फ्रुक्टोज व्यक्ति को हानि पहुंचा सकता है. पश्चिमी देशों में शक्कर के स्थान पर जो अन्य कृत्रिम द्रव्य उपयोग किये जा रहे हैं उनमें भी फ्रुक्टोज की बहुलता होती है जिससे वहां मोटापे का रोग पनप रहा है. इसके कारण फ्रुक्टोज के आधिक्य वाले खाद्यों को स्वास्थ के लिए घातक माना जाने लगा है.     


किडनी के रोगों में चिकित्सक प्रायः अल्प प्रोटीन वाले भोजनों की संस्तुति करते हैं किन्तु इसके साथ ही अल्प फ्रुक्टोज वाले खाद्यों की भी संस्तुति की जानी चाहिए. 


पूर्व में यह माना जाता था कि फ्रुक्टोज रक्त में शक्कर की अधिकता उत्पन्न नहीं करता क्योंकि यह रक्त में न जाकर व्यक्ति के यकृत द्वारा पोषण हेतु उपयोग में लिया जाता है. किन्तु अब शोधों से ज्ञात हुआ है कि यकृत  में भी जो फ्रुक्टोज की मात्रा उसकी प्रसाधन सामर्थ्य से अधिक पहुँचती है वह भी रक्त में चली जाती है. जिसे पचाने के लिए इंसुलिन की आवश्यकता होती है. इसके आधिक्य से और इंसुलिन की पर्याप्त मात्रा न होने से मधुमेह का रोग विकसित होता है.
The Sugar Fix: The High-Fructose Fallout That Is Making You Fat and Sick



भोजन में फ्रुक्टोज की अधिकता शरीर में भूख नियमन प्रणाली को ठप कर देती है जिससे व्यक्ति आवश्यकता से अधिक भोजन करता है और वह मोटा होने लगता है जो स्वयं एक रोग होता है और अनेक रोगों को पनपाता है. 

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